जिस हाईवे पर वाहनों को फर्राटा भरना चाहिए। उसी राजमार्ग पर वाहन हिचकोले खाते रहते हैं। ऐसा हाईवे के गड्ढों में तब्दील होने के कारण है। इन गड्ढों के कारण जाम, हादसे रोज का किस्सा बने हैं। इसके बाद भी एनएचएआई के अधिकारी इस ओर बेफिक्र बने हैं।
शहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग का हाल बेहाल है। कस्बे में तो कई जगह पर सड़क उखड़ गई है। गिट्टियां गायब होने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दिनों में इन पानी भरे गड्ढों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। लोड वाहनों के फंसने जाम से भी लोगों को जूझना पड़ता है। अरुणा नगर, जनता दुर्गा मंदिर, घंटाघर चौराहा समेत तमाम जगहों पर गड्ढ़ों में ऐसा कोई दिन नहीं होता, जब वाहनों के फंसने से यहां घंटों जाम न लगता है। आलम यह है कि एटा से अलीगढ़ 70 किमी की दूरी तय करने में चार घंटे लगने लगे हैं। क्षेत्र के रहने वाले आशीष कुमार, अमित सिंह, मोहित जैन, राजीव चौहान, जितेंद्र शर्मा, हरिओम शर्मा, शकील सलमानी, आबिद आदि ने बताया कि कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसरों को शायद यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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शिकोहाबाद सड़क भी बनी जानलेवा
शिकोहाबाद मार्ग भी विभागीय अफसरों की अनदेखी से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। गड्ढों के कारण बरसात के मौसम में इस रास्ते से आवागमन खतरनाक बना हुआ है। वहीं गड्ढों में आए दिन वाहन भी फंसते रहते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अफसरों के अलावा जिलाधिकारी, सांसद, विधायक तक से इसकी शिकायत की गई। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत अथवा इसका पुर्ननिर्माण नहीं कराया जा रहा है।