एटा। सरकारी एंबुलेंस दौड़ते-दौड़ते हांफ गई हैं। वो तय तीन लाख किमी से ज्यादा चार लाख किमी तक दूरी तय कर चुकी हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा उन्हें कंडम घोषित नहीं किया जा रहा। सड़कों पर चलते ये कहीं भी खड़ी हो जाती हैं। महीने में औसतन दो से तीन बार खराब हो रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग को 108 और 102 सेवा के तहत वर्ष 2013 में एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थीं। यूं तो इनका पंजीकरण 15 साल के लिए है, जिसमें अभी काफी वक्त बचा है। लेकिन फिटनेस के लिहाज से ये गाड़ियां खटारा हो गई हैं। पूरे जिले में और रेफर केसों को बाहर तक ले जाने में ये गाड़ियां जमकर चलीं।
विभाग के बेड़े में वर्तमान में 12 एंबुलेंस ऐसी हैं जो 3.5 से चार लाख किमी तक चल चुकी हैं। नियमानुसार एंबुलेंस के लिए सीमा तीन लाख किमी तय है। इसके बाद गाड़ी को कंडम घोषित कर देना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सरकारी वाहनों के आगे नियम भी बौने नजर आ रहे हैं।