एटा। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राएं बजट के अभाव में खेलों से वंचित हैं। जबकि पिछले वर्ष कोरोना काल होने के चलते खेल प्रतियोगिताएं नहीं हो सकी थीं। जिले में आठ कस्तूरबा गांधी विद्यालय हैं। इनमें 542 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कई छात्राओं में खेलों के प्रति अच्छी रुचि भी है। 2019 में उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन भी किया। जबकि 2020 में कोरोना के चलते प्रतियोगिता नहीं कराई गई। इस वर्ष शासन स्तर से बजट मुहैया नहीं होने पर आयोजन नहीं किए गए।
जिला समन्वयक कस्तूरबा गांधी विद्यालय बागीश विक्रम ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय को 10 हजार रुपये खेल प्रतियोगिताएं कराने के लिए आते हैं। इस बार खेलों के लिए यह धनराशि नहीं आई है। जिसके चलते प्रतियोगिताएं नहीं हो पाई हैं। अगर समय से बजट मिल जाता है तो प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इनका कहना है कि बालिकाओं को ताइक्वांडो, जूडो-कराटे आत्मरक्षा के लिए सिखाए जाते हैं और खेल प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। जिसमें कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन आदि खेल शामिल रहते हैं।