एटा। स्कूल जाने की तैयारी कर रही छह वर्षीय बालिका की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गमगीन परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
रिजोर थाना क्षेत्र के गांव अंबरपुर निवासी रामेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी छह वर्षीय भतीजी रौनक कक्षा एक की छात्रा थी। वह बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी। वह शर्ट पहन रही थी। इसी दौरान उसका गीला हाथ पंखे से छू गया। पंखे में करंट आने के कारण उसे तेज झटका लगा और वह दूर जा गिरी।
बालिका की चीख सुनकर परिजन दौड़कर पहुंचे तो देखा रौनक अचेतावस्था में पड़ी है। यह देख उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। यह देखकर परिजन में चीख-पुकार मच गई। जिस बेटी को कुछ देर पहले स्कूल भेजने की तैयारी हो रही थी उसकी अचानक मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। रौनक कक्षा एक की छात्रा थी। परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को अपने साथ ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने बताया कि बिजली का करंट लगने पर सबसे पहले बिजली का स्रोत बंद करें। करंट की चपेट में आए व्यक्ति को सीधे हाथ से न छुएं, बल्कि सूखी लकड़ी या किसी गैर-चालक वस्तु की मदद से बिजली के संपर्क से अलग करें। इसके बाद तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। सांस या नब्ज न चलने पर प्रशिक्षित व्यक्ति सीपीआर दे सकता है। उन्होंने कहा कि गीले हाथों से बिजली के उपकरण छूने से बचना चाहिए और घर में बिजली के तार, स्विच व उपकरणों की नियमित जांच करानी चाहिए।