जनपद में पिछले 30 घंटे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे गंगा के साथ ही नीम नदी भी उफनाने लगी है। नीम नदी के तेज बहाव से विरसुआ-भोगीपुर सड़क कट गई। कई गांवों का मुख्यमार्ग से संपर्क कट गया है। खेत खलिहान डूब गए। वहीं गंगा का भी जलस्तर लगातार बढ़ने से कछारी इलाके में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। कटान से शहबाजपुर बांध कमजोर होने से दहशत है।
गंगा के जलस्तर में 24 घंटे के दौरान 35 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। सिंचाई विभाग के एई के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज 1,60,352 क्यूसेक था। वहीं बिजनौर बैराज पर पानी का डिस्चार्ज 1,64,096 क्यूसेक था। बिजनौर बेराज से रविवार के मुकाबले सोमवार को 49,000 क्यूसेक अधिक पानी डिस्चार्ज हुआ। नरौरा बैराज से 24 घंटे में पानी का डिस्चार्ज 33,000 क्यूसेक बढ़ा है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लहरा, चंदपुरा, गऊपुरा, पाठकपुर, मानपुर नगरिया, डिगलेश नगर, बघेला गांव तक पानी पहुंचने से लोग भयभीत हैं। घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। सहावर के शहबाजपुर का बांध भी लहरों के थपेड़ों से कटने लगा है। हालांकि इसकी मरम्मत शुरू कर दी गई है। इसके अलावा देवकली, नवाबगंज, नगरिया, तरसी नगला, असदगढ़, नगला डामर आदि गांव में भी बाढ़ का खतरा बना है। इधर, बरसाती नदी नीम में भी जबरदस्त उफान है। नदी की लहरों से विरसुआ भोगीपुर मार्ग कट गया है। इससे कदमपुर, भोगीपुर, विरसुआ, नारायनी, अथैया सहित कई गांव के लोगों को बाजार, खेत आना मुश्किल है। पशुओं के चारे, ईधन के साथ बुर्जी बिटोरे भी पानी में डूब गए हैं।