पिछले 10 दिनों से चल रहा कांवड़ मेला परवान चढ़ गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांवड़ियां लहरा गंगा तट पर डटे हुए थे। यह नजारा पिछले 48 घंटो से लगातार बना हुआ है। कासगंज से लेकर लहरा गंगा घाट तक शिवभक्त कांवड़ियों की टोलियां ही नजर आ रहीं है। हर हर गंगे और बम बम भोले के जयकारे वातावरण में गूंज रहे हैं। शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ कांवड़े ले जाते नजर आए।
24 फरवरी को शिवालयों में शिवभक्त कांवड़ों से ले जाने वाले गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। बुधवार को हजारों कांवड़ियों का हजूम लहरा गंगा घाट पर नजर आया। घाट पर हर तरफ कांवड़ियां ही नजर आ रहे थे। दिन के समय में कांवड़ियों ने अपनी कांवड़े उठाई। उन्होंने गंगास्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया, इसके पश्चात गंगा जलियों में गंगाजल भरा। कांवड़ों में गंगाजल भरने के उपरांत श्रद्धालुओं ने कांवड़ की पूजा करते हुए परिक्रमा की। भगवान भोलेनाथ से कांवड़ यात्रा सफल करने की मनौती मांगी। लहरा गंगा की तलहटी में धूल का गुबार उठता रहा, लेकिन कांवड़िये पूरे उत्साह के साथ धूल के गुबार के बीच आगे बढ़ते रहे। कांवड़ों की साज सज्जा भी आकर्षण का केंद्र थीं। कहीं कांवड़े त्रिशूल से सजी हुईं थीं, तो कहीं कांवड़े फूलों से। यह सिलसिला आज गुरुवार को पूरी रात तक चलेगा। आगरा, मथुरा व भरतपुर के आस पास की ज्यादातर कांवड़े बुधवार को निकल गईं। वहीं गुरुवार को हाथरस व मथुरा के आस पास के इलाकों, एटा, जलेसर, सिकंदराराऊ आदि इलाकों में कांवड़िये बड़ी संख्या में कांवड़ लेकर निकलेंगे।