जिले में धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है, लेकिन खनन माफिया के खिलाफ कभी सख्त कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते खनन माफिया का हौसले इतने बढ़ गए कि उन्होंने बुधवार को नायब तहसीलदार और लेखपाल को ट्रैक्टर से कुचलकर मारने की कोशिश की। दोनों ने यदि खुद को नहीं बचाया होता तो खनन माफिया के ट्रैक्टर इन्हें रौंद सकते थे।
जिले में अभी तक खनन माफिया ने इस तरह का दुस्साहस नहीं दिखाया था, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि अवैध खनन नहीं हो रहा था। प्रशासन सब कुछ देखकर भी अनदेखी करता रहा। जिले में इस साल अवैध खनन रोकने के नाम पर 35 लोगों पर कार्रवाई गई है। इनसे पांच लाख रुपये की रायल्टी और जुर्माना वसूला गया है। जलेसर में तो मात्र दो लोगों पर कार्रवाई की गई है। अलीगंज तहसील में एक भी कार्रवाई नहीं हुई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेंद्र ने बताया कि एटा से कटकर कासगंज के अलग जिला बनने के बाद पहली बार इस तरह की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी पर जानलेवा हमला करने का दुस्साहस करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
बता दें, जिले में मिट्टी खनन पर 14 रुपये प्रति घन मीटर की रायल्टी ली जाती है और इससे करीब दो करोड़ रुपये की रायल्टी प्रशासन को मिलती है।