एटा। जिले के 1580 शिक्षामित्रों एवं 135 अनुदेशकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हो गई है। बीएसए के आदेश के बाद खंड शिक्षा अधिकारियों ने इनसे मूल प्रमाणपत्र तलब किए हैं।
शैक्षिक प्रमाणपत्रों में मिल रही गड़बड़ी के बाद जहां फर्जी डिग्रीधारकों को बर्खास्त कर रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। वहीं सरकार ने वेतन भोगी प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालयीय शिक्षकों के साथ मानदेय पर सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के अभिलेखों की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। विकास खंड स्तर पर इनकी जांच की जा रही है।
वहीं, नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षामित्रों ने बताया कि फर्जी अंकपत्रों से ज्यादा अनियमितता चयन प्रक्रिया में मिलेगी। दर्जनों के अंकपत्रों में हेराफेरी भी सामने आएगी। उधर, बीएसए संजय सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश के बाद शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के प्रमाणपत्रों की जांच का काम शुरू हो गया है। बीईओ द्वारा ब्लाक स्तर पर इनकी जांच व सत्यापन किया जा रहा है। जिले में 1700 से अधिक शिक्षामित्र अनुदेशक सेवारत हैं।