एटा। फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी पाने एवं बाद में अन्य जिलों में स्थानांतरण कराने वालों पर भी शिकंजा कसता जा रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्थानांतरित जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर शिक्षकों की सूचनाएं मांगी हैं। वर्ष 2004-05 में हुए बीएड फर्जीवाड़े में शामिल दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं अभी भी पकड़ से दूर हैं।
आरोप है कि जिले में नौकरी पाने के बाद यह लोग अन्य जिलों में स्थानांतरण करा ले गए। ऐसे में जिले के शिक्षकों की जांच में उनका सत्यापन नहीं हो सका, लेकिन बीएसए संजय सिंह ने संबंधित जिलों के बीएसए को पत्र लिखकर बीते सात वर्षों में जिले से स्थानांतरित हुए शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की सूचना एवं सत्यापन ब्योरा मांगा है।
खासकर उन शिक्षकों की सूचनाएं जिन्होंने 2004-05 में डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान दो सौ से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं अन्य जिलों में स्वैच्छिक स्थानांतरण ले चुके हैं। 28 से अधिक शिक्षक तो अकेले निधौली कलां ब्लाक से ही हैं।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि बीते सात वर्षों में जिले से स्थानांतरित शिक्षकों एवं इनके प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सूचनाएं मांगी गई हैं। उन जिलों के बीएसए को पत्र लिख दिए गए हैं। सर्वाधिक नजर 2004-05 में डॉ. आंबेडकर विवि से बीएड करने वाले पर है।