एटा। लगातार पड़ रही ज्यादा सर्दी और कोहरे के कारण जनजीवन तो अस्तव्यस्त है। इसके अलावा फसलों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जिसके चलते आलू में झुलसा और मटर में गलन का रोग लगा है। साथ ही सरसों की फसल में भी दाना कमजोर होने से किसान परेशान हैं।
जिले में पिछले लगभग 20 दिन से लगातार मौसम खराब हो रहा है। कभी कोहरा तो कभी शीतलहर की वजह से आम जनजीवन के साथ ही फसलें भी खराब हो रहीं हैं। कोहरे की वजह से निराई करने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे। पौधे कमजोर हो रहे हैं। पैदावार भी प्रभावित हो सकती है। झुलसा रोग की भी शुरुआत हो गई है। ऐसे में अगर मौसम और खराब हुआ तो फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। वहीं सरसों में फंगस की शुरूआत हो गई है।
इसके अलावा मटर में गलन का असर दिखाई दे रहा है। जिसकी वजह से मटर का दाना प्रभावित हो रहा है। इन सब से बचाव के लिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सहायता से दवाई का छिड़काव करें। जिससे कि फसलों काे रोग से बचाया जा सके।
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ज्यादा सर्दी और कोहरे की वजह से लोग परेशान हैं। किसानों की फसल भी खराब हो रही है। आलू व मटर की फसल में झुलसा के साथ ही गलन का रोग भी दिखाई दे रहा है। जिसके चलते पैदावार पर असर पड़ेगा। -गुड्डू कुमार, किसान
कोहरे के कारण आलू की फसल प्रभावित हो रही है, झुलसा रोग लगने लगा है। वहीं सरसों की फसल में भी फंगस लग रही है। जिसकी वजह से पौधों पर पीलापन दिखाई दे रहा है। उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। -कुंवरपाल सिंह, सेंथरी
कोहरे और सर्दी के चलते फसलों पर प्रभाव पड़ा है। अब अगर बरसात होती है तो और अधिक नुकसान होगा। आलू, मटर व सरसों की फसलों में नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर दवा का छिड़काव करें। -डॉ. वीरेंद्र सिंह, कृषि वैज्ञानिक