एटा/अलीगंज/अवागढ़/जैथरा/सकीट/मारहरा/निधौली कलां। महीने भर की चुनावी कसरत और चिंताओं के बीच रविवार को कई प्रधान पद प्रत्याशियों की जीत के साथ गांवों की सरकार बन गई। नवनिर्वाचित प्रधानों में से किसी ने गांव को शहर जैसा चमकाने तो किसी ने लोगों का जीवन स्तर सुधारने की बात कही। जीते हुए खेमे में खुशियों का सिलसिला शुरू हो गया। जबकि हारे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के चेहरे लटक गए।
एम डॉ. विभा चहल और नोडल अधिकारी बनाकर भेजे गए आगरा के नगर आयुक्त निखिल टी. फुंडे ने मतगणना केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने की हिदायत दी। साथ ही कार्मिकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मतगणना करने के निर्देश दिए। मतगणना केंद्र के बाहर अनावश्यक रूप से घूम रहे कई लोगों को पकड़वाकर चालान भी कटवाए। मतगणना के लिए केंद्रों पर प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक पहुंचे। जहां प्रत्याशी तो एजेेंटों के साथ केंद्र के अंदर चले गए, लेकिन समर्थक बाहर बैठे रहे। दोपहर बाद समर्थक खाने के लिए इधर- उधर भटकते रहे। एक दो ब्लॉकों पर फल की रेहड़ी जरूर लगीं। जहां रेहडी वालों ने मनमाना पैसा लिया। मतगणना केद्रों के बाहर वाहनों का रेला रहा। इस दौरान पुलिस ने अवागढ़ में वाहनों को हटवाया। लेकिन हटाने के बाद फिर दोबारा वाहन खड़े कर लिए गए। आम लोगों को निकलने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।