एटा। जिले में डेंगू का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। उसके बाद भी हर रोज डेंगू के दो से तीन मरीज पीड़ित मिल रहे हैं। सोमवार को पिता-पुत्र डेंगू पीड़ित मिले जिसमें साढ़े तीन वर्षीय पुत्र का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। वहीं युवक इमरजेंसी में एक घंटे तक उपचार के लिए तड़पता रहा। बाद में उसे मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती किया गया। युवक सीएमओ कार्यालय में चालक पद पर तैनात है। वहीं एक महिला मलेरिया पीड़ित मिली।
मेडिकल कॉलेज के सामान्य वार्ड में भर्ती रचना (40) निवासी नगला टोड़ी (जैथरा) ने बताया कि उसे 15 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में निजी उपचार कराते हुए नौ दिन हो गए लेकिन बुखार में आराम नहीं मिला। रविवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति बताते हुए सामान्य वार्ड में भर्ती करा दिया। यहां मलेरिया व डेंगू की जांच की गई जिसमें मलेरिया की पुष्टि हुई।
वहीं सीएमओ कार्यालय में तैनात चालक विजय प्रताप (33) निवासी नगला फरीद डेंगू पीड़ित मिला। विजय प्रताप ने बताया कि तीन दिन से हल्का बुखार आ रहा था। सोमवार को चक्कर महसूस होने पर मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभाग में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच की। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई और 21 हजार प्लेटलेट्स निकली। रिपोर्ट लेने के बाद इमरजेंसी में उपचार के लिए दोपहर 12ः58 मिनट पर भर्ती हुए। यहां एक घंटा बीतने के बाद भी किसी भी चिकित्सक ने उसका उपचार शुरू नहीं किया।
करीब एक घंटे तक वह बेड पर लेटे हुए उपचार का इंतजार करता रहा। बाद में उसे मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में भर्ती करा दिया। विजय ने बताया कि उसका साढ़े तीन वर्षीय बेटा चंद्रयांश भी डेंगू पीड़ित है। उसे चार दिन से बुखार आ रहा था। उपचार निजी क्लीनिक पर चल रहा है।