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बारिश से किसानों के खिले चेहरे, कीचड़ से शहर की बिगड़ी सूरत

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आसमान से जमीन तक आफत: सीवर लाइन बिछने के बाद क्षतिग्रस्त पड़े घंटाघर मार्ग पर बरसात के दौरान दलदल ? - फोटो : ETAH
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एटा। काफी इंतजार के बाद आखिरकार बृहस्पतिवार सुबह से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर तक कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही। धान की पौध लगाने के इंतजार में बैठे किसानों के चेहरे खिल उठे, लेकिन कीचड़ से शहर की सूरत बिगड़ गई। गली और मोहल्लों में जलभराव हो गया। खासतौर से सीवर लाइन खोदाई वाले स्थानों पर लोगों को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। इस बीच बारिश ने उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत दी। एक ही दिन में अधिकतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंचकर 28 डिग्री रहा। जबकि बुधवार को तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम के तेवर से बिजली आपूर्ति भी लड़खड़ा गई। फॉल्ट की वजह से शहर में छह घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
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बारिश का मौसम बुधवार से ही बनना शुरू हो गया था। देर शाम आंधी के बाद ठंडी हवाएं चलीं। आसमान में काली घटाएं उमड़ पड़ीं और तेज बिजली चमकने लगी। कुछ बूंदें गिरीं, लेकिन बरसात नहीं हुई। इसके बाद बृहस्पतिवार को सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छा गए थे। लोग बारिश होने की उम्मीद कर रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे हल्की बारिश शुरू हो गई, जो लगातार चलती रही। जबकि 11 बजे के बाद तेजी के साथ पानी बरसा। इसके बाद-रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। सुबह के समय दफ्तर, दुकान आदि जाने के लिए लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा। कोई छतरी लगाकर तो कोई भीगते हुए घर से निकला। जबकि सड़कों पर जलभराव और कीचड़ ने भी खासा परेशान किया।
इससे पहले बारिश होने के साथ ही बिजली भी गुल हो गई जिससे लोगों को घरों में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बिजली न होने की वजह से सबसे ज्यादा पानी की दिक्कत हुई। घरेलू कामकाज के लिए लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। करीब छह घंटे बाद ढाई बजे बिजली आई। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता आरबी रॉय ने बताया कि बारिश की वजह से दस से अधिक जगहों पर फॉल्ट हुए हैं। जिन्हें ठीक कराने में करीब पांच से छह घंटे लगे हैं। उधर, ग्रामीण क्षेत्र में खेतों में लगाई गई धान की पौध में पानी की पूर्ति हुई। जिससे किसानों की सिंचाई का खर्चा बच गया। इसके साथ ही पौध रोपने के लिए किसानों के खेतों में पानी भी भर गया।
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