एटा। बारिश और उमस भरी गर्मी के साथ सड़क पर धूल से आंखों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में बुधवार को आंखों की विभिन्न समस्याओं के 160 मरीजों का उपचार किया गया।
बरसात के मौसम में धूल और उमस से काफी संख्या में लोग आंखों में संक्रमण, लालिमा, जलन, खुजली, सुबह उठते समय आंखों से पानी आने और चिपचिपापन जैसी समस्याओं से पीड़ित हो रहे हैं। ऐसे मरीज मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में इस प्रकार की समस्याओं से पीड़ित उपचार के लिए पहुंचे। इसके अलावा मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोगों से ग्रसित मरीज भी जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में एक कक्ष में मरीजों की आंखों की जांच कराई गई। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल बघेल ने बताया कि बारिश और उमस भरी गर्मी के साथ सड़कों पर उड़ने वाली धूल से संक्रमण के कारण आंखों से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ी है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या उसकी उपयोग की वस्तुओं का इस्तेमाल करने से संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इन बातों का रखें ख्याल
- आंखों को बार-बार हाथ से न छुएं।
- साफ रूमाल का उपयोग करें और उसे साझा न करें।
- आंखों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- आंखों में परेशानी होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।
अस्थायी चिकित्सा केंद्र से नदारद 6 चिकित्सकों को नोटिस
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कांवड़ियों के लिए बनाए गए थे अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र, शहर में दो केंद्र नहीं बनाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में 47 अस्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए। सोमवार को शहर में तीन केंद्रों पर चिकित्सक नदारद मिले। इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से 6 चिकित्सकों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
शहर में 9 जगहों पर अस्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए थे। यहां कांवड़ियों को आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार देना था। सोमवार को अमर उजाला ने अस्थायी चिकित्सा केंद्र की पड़ताल की। इसमें दो केंद्र जीटी रोड स्थित शहीद पार्क और घंटाघर बाजार के बाहर बनी ठनी पैलेस पर केंद्र बनाए ही नहीं गए। वहीं अलीगंज तिराहे पर स्थित केंद्र पर चिकित्सक नदारद मिले थे। इस पर सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस मामले की जांच कराई जिसमें चिकित्सक नदारद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने नदारद 6 चिकित्सकों को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।