एटा। बसपा में इन दिनों चल रही हलचल की चपेट में एटा का संगठन भी आ गया है। पार्टी के दो पूर्व जिलाध्यक्षों को निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई है।
बलवीर सिंह भास्कर हाल ही में जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए थे। इससे पहले भी वह जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। जबकि अखिलेश दिनकर जिलाध्यक्ष सहित जिला प्रभारी भी रह चुके हैं। इन दोनों पदाधिकारियों के संबंध में शिकायतें थीं कि वह पार्टी से निष्कासित अशोक सिद्धार्थ के संपर्क में थे। अशोक को पार्टी अध्यक्ष मायावती ने पिछले दिनों निष्कासित किया था। वह मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं।
इसके अलावा दोनों पूर्व जिलाध्यक्षों की यह भी शिकायतें थीं कि वह महीनों से संगठन की बैठकों में नहीं आ रहे थे, अपने संपर्क वाले कार्यकर्ताओं को भी बैठक-कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकते थे। पार्टी कार्यक्रमों के नाम पर लोगों से चंदा कर इन्होंने पार्टी फंड में जमा नहीं किया। इन सब आरोपों की जांच कराए जाने पर पुष्टि हुई तो बसपा प्रमुख ने इन्हें निष्कासित कर दिया।
जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि पार्टी आलाकमान से आदेश प्राप्त हुआ है। बलवीर सिंह व अखिलेश दिनकर को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने, अनुशासनहीनता अपनाने के कारण निष्कासित किया गया है। इससे पूर्व उन्हें कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनकी गतिविधियों में कोई सुधार न आने पर कार्रवाई की गई है। पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह भास्कर ने बताया कि किसी तरह की अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियां नहीं की हैं, आरोप निराधार हैं। बसपा के लिए हमेशा कार्य करते रहेंगे।