गुजरात में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इस फैक्टरी में माल एटा के जलेसर से भेजा जा रहा था। फैक्टरी में शोरा बनाए जाने की आशंका है। इसको लेकर जांच के लिए समिति भी गठित कर दी है।
गुजरात के बनासकाठा जिले में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के तार जलेसर से जुड़ चुके हैं। यहां दो दिन पहले गुजरात से आई पुलिस ने जांच भी की थी। काफी मात्रा में यहां से माल फैक्टरी को भेजा जा रहा था। स्थानीय स्तर पर भी जांच के लिए जिला प्रशासन ने समिति गठित की है।
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जलेसर कस्बे में काफी कारखाने चल रहे हैं। इनमें शोरा बनाया जाता है। हालांकि पूर्व में इन पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद गुपचुप ढंग से संचालन शुरू किया गया। बाद में प्रशासन द्वारा ध्यान न दिए जाने पर खुलेआम संचालन किया जाने लगा। यहां बने शोरा, सल्फर को विभिन्न जिलों से लेकर अन्य प्रदेशों तक भेजा जाता है। इन सामग्री को विस्फोटक बनाने में भी इस्तेमाल में लिया जाता है। हालांकि फैक्टरी संचालक इनका प्रयोग विस्फोटक के रूप में न किए जाने का दावा करते हैं।
मंगलवार को गुजरात से एक टीम जांच के लिए जलेसर आई थी। इनसे यहां की दो शोरा फैक्टरी में पहुंचकर जांच-पड़ताल की। फैक्टरी मालिकों के बयान दर्ज किए। दरअसल, एक अप्रैल को गुजरात के बनासकाठा जिले के डीसा में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 22 लोगों की जान गई थी। कई लोगों की गिरफ्तारी पुलिस कर चुकी है। जलेसर की कड़ी भी इसकी जांच में जुड़ गई है।
डीएम प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि एडीएम प्रशासन सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम जलेसर, सीओ जलेसर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ को सदस्य बनाया गया है। समिति जलेसर क्षेत्र में संचालित सभी शोरा फैक्टरियों में प्रदूषण आदि मानकों को दृष्टिगत रखते हुए निरीक्षण कर अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करेगी।