एटा। माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा में वित्तविहीन विद्यालयों का दबदबा रहा। टॉपर्स में भी इनके ही तमाम बच्चे थे। जबकि राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों का परीक्षाफल अच्छा नहीं रहा। इस पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा परिषद से राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में कमियों को देखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षाफल के साथ ही वित्तविहीन विद्यालयों में बढ़ रही मेधावियों की संख्या की भी समीक्षा की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड परीक्षा में टॉपर अधिकांश वित्तविहीन विद्यालयों के हैं। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में जिला स्तर की टॉपर सूची में वित्तविहीन विद्यालयों का दबदबा रहा था। शिक्षा परिषद की वरीयता सूची में राजकीय और एडेड विद्यालयों के मेधावियों की संख्या लगातार कम होने पर विभाग की ओर से परीक्षाफल की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। डीआईओएस चंद्रकेश सिंह ने बताया बोर्ड की ओर से परीक्षाफल के विषय में आदेश मिला है। इसमें राजकीय सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों की परीक्षा का आकलन किया जाएगा। जिन विद्यालयों का परीक्षाफल खराब है, उसको बेहतर करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।