एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां की इमरजेंसी में मरीजों की स्थिति का आकलन करने वाले जरूरी उपकरणों में रक्तचाप (बीपी), पल्स और हृदयगति मापने के मॉनिटर खराब पड़े हैं। ड्यूटी पर लगाए गए विशेषज्ञ नदारद रहते हैं। इंटर्न चिकित्सक इलाज कर रहे हैं।
उपचार के लिए आए एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि इमरजेंसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सिर्फ कागजों तक सीमित है। वहीं एक कर्मचारी ने बताया कि यहां जिन विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई गई वह अक्सर नदारद रहते हैं। अगर कभी आते भी हैं तो केवल सोमवार और बृहस्पतिवार को कुछ समय के लिए ही दिखते हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों का इलाज इंटर्न चिकित्सकों के भरोसे है। इनके पास न तो पर्याप्त अनुभव है और न ही इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मामलों को संभालने की कोई विशेषज्ञता।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में कई महत्वपूर्ण जीवनरक्षक उपकरण महीनों से खराब पड़े हैं। ओटी में जरूरी सामान काफी समय से उपलब्ध नहीं होने के कारण भी नर्सिंग स्टाफ को दिक्कत हो रही है। इनमें बीपी, पल्स और ऑक्सीजन लेवल मॉनिटर शामिल हैं। इन उपकरणों के बिना गंभीर मरीजों, खासकर हृदय संबंधी समस्याओं और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों का इलाज करना बेहद मुश्किल है। चिकित्सकों को लक्षणों के आधार पर अनुमान लगाकर इलाज शुरू करना पड़ता है। यह बड़ी लापरवाही है।