एटा। एचआईवी पीड़ित पिता के निधन के बाद हाल ही में 16 जनवरी को मां की मौत होने से अनाथ हुए भाई-बहन को अब शिक्षा और संरक्षण मिल गया है। अधिकारियों की पहल पर दोनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। बुधवार को मृतका की बेटी का दाखिला कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय जैथरा में करा दिया गया। इससे पहले उसके भाई को भी स्कूल भेजा जा चुका है। अब दोनों बच्चे नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। घर की देखभाल की जिम्मेदारी चचेरे भाई को सौंपी गई है। एबीएसए मुकेश कुमार ने बताया कि बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किया गया। दोनों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र न होने से अब तक बच्चे सरकारी योजनाओं से वंचित थे। इस कमी को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। अनाथ हुए बच्चों की जमीन और अन्य विरासत संबंधी मामलों की निगरानी एवं संरक्षण की जिम्मेदारी तहसीलदार अलीगंज को सौंपी गई है।