एटा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास विभाग युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर साल बड़े-बड़े लक्ष्य तय करता रहा, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से मेल नहीं खाती। पिछले वर्ष जिले में 388 युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया था, मगर पूरे साल में केवल 109 युवाओं को ही नौकरी मिल सकी। यानी करीब 72 प्रतिशत युवा रोजगार पाने से वंचित रह गए।
विभाग का कहना है कि रोजगार न मिलने का प्रमुख कारण युवाओं का साक्षात्कार में सफल न होना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कौशल विकास का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करना है, तो बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का साक्षात्कार में असफल होना प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाता है। पिछले साल 24 से अधिक कंपनियों ने रोजगार मेलों में भाग लिया, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
इस वर्ष शासन ने जिले के लिए 1,405 युवाओं को रोजगार दिलाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक केवल 372 युवाओं को ही रोजगार मिल पाया है, जबकि वर्ष का एक बड़ा हिस्सा बीत चुका है। विभाग हर माह रोजगार मेले आयोजित करने और बेहतर पैकेज मिलने का दावा कर रहा है, लेकिन मौजूदा प्रगति लक्ष्य से काफी पीछे दिखाई देती है।
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विश्व युवा कौशल दिवसः 136 युवाओं को मिला रोजगार, खिले चेहरे
एटा। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मंगलवार को कासगंज रोड स्थित राजकीय आईटीआई परिसर के टाटा टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण केंद्र में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मेले में एटा समेत आसपास के जिलों के 365 बेरोजगार युवाओं ने विभिन्न कंपनियों में नौकरी के लिए साक्षात्कार दिए। चयन प्रक्रिया के बाद 136 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। ऑफर लेटर मिलने के बाद युवाओं के चेहरे खिल उठे। इस दौरान मुख्य अतिथि मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने ऑफर लेटर वितरित किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आईटीआई के प्रधानाचार्य डॉ. मोहम्मद आसिफ के मार्गदर्शन में आयोजित मेले में 11 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। इनमें श्रीराम पिस्टन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एलआईसी, आर्य रसायन एग्रो कैमिकल, टोयोटा मोटर्स, ऑक्टीमस इलेक्ट्रिकल, ग्रोफास्ट प्लांटेक, जी4एस, भारतसीड और बॉब्स बाथ फिटिंग सहित अन्य कंपनियां शामिल रहीं।
डॉ. मोहम्मद आसिफ ने बताया कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाएगा। इस दौरान एमआईएस मैनेजर उपेन्द्र सिंह चौहान, डीपीएम रमन कुमार, रवि बाबू, ज्ञानेन्द्र सिंह, नन्दकिशोर, अबरार हुसैन, अभिषेक यादव, लोकेश सिंह समेत कौशल विकास मिशन और राजकीय आईटीआई का स्टाफ मौजूद रहा।