बस स्टैंड पर लगे वाटर कूलर से निकलता गर्म पानी। संवाद
एटा। नगर पालिका की ओर से शहर में बेहतर पेयजल व्यवस्था के किए गए दावे धरातल पर खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। बस स्टैंड से लेकर शहर के प्रमुख बाजारों तक लगाए गए वाटर कूलर और पेयजल प्वाइंट या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें गर्म पानी आ रहा है।
शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर प्रतिदिन सैकड़ों बसों और हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। यहां लगाए गए वाटर कूलर और पेयजल टोंटियां बदहाल स्थिति में हैं। कई टोंटियां टूटी पड़ी हैं जबकि जो चालू हैं उनमें से इतना गर्म पानी निकल रहा है कि हाथ लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
आगरा से एटा पहुंची यात्री सोनालिका ने बताया कि उन्होंने बस स्टैंड पहुंचकर पानी पीने की सोची लेकिन टोंटी से निकल रहे पानी को हाथ लगाने पर पानी इतना गर्म था कि पीने की हिम्मत ही नहीं पड़ी। ऐसे में उन्हें मजबूरन बाजार से पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझानी पड़ी। केवल बस स्टैंड ही नहीं, कई मोहल्लों में वाटर कूलर पूरी गर्मी के दौरान खराब पड़े रहे। जहां मशीनें चालू हैं, वहां भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। शहर के मुख्य बाजार मेहता पार्क पर मौजूद दुकानदार सुनील कुमार ने बताया कि पालिका की ओर से लगाए गए वाटर कूलर अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। प्यास लगने पर लोग वहां पहुंचते तो हैं लेकिन गर्म पानी मिलने के कारण उनका उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे में उन्हें और अन्य लोगों को पीने के लिए पानी के कैंपर या बोतल खरीदनी पड़ती है। लोगों ने खराब पड़े वाटर कूलरों को जल्द ठीक कराने और बस स्टैंड समेत सार्वजनिक स्थलों पर ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
वर्जन:-
जहां खराब पड़े आरेओ वाटर प्लांट को सही कराया जाएगा। वहीं व्यवस्थाओं को दिखवाकर दुरुस्त कराया जाएगा।
निहाल सिंह, ईओ नगर पालिका
बस स्टैंड पर पानी पीने गए तो टोंटी से इतना गर्म पानी निकल रहा था कि हाथ लगाना मुश्किल हो गया। मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ा। - मोहित कुमार, शिकोहबाद
नगर पालिका के वाटर कूलर केवल दिखावे की वस्तु बन गए हैं। ठंडे पानी की सुविधा नहीं मिल रही इसलिए लोगों को पानी के कैंपर और बोतल खरीदनी पड़ रही है। - अनोखे लाल, दुकानदार