एटा सदर सीट पर एक बार फिर से एक ही परिवार का कब्जा हो गया है। लगातार 11वीं गंगा प्रसाद वर्मा के परिवार से इस सीट पर कब्जा किया है। बता दें कि वर्ष 1957 में हुए विधानसभा के दूसरे चुनाव में गंगा प्रसाद वर्मा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे और शानदार जीत हासिल की थी।
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उसके बाद से वे 1977 तक लगातार विजयी रहे। साल 1980 और 1985 में चुनाव हारने के बाद गंगा प्रसाद वर्मा राजनीति से दूर चले गए लेकिन इस बार फिर से एटा सदर की सीट पर इस परिवार का कब्जा हो गया। इस बार इस सीट से विपिन वर्मा डेविड ने जीत हासिल की है।
वर्ष 1989 में परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए गंगाप्रसाद वर्मा के भतीजे प्रीतम सिंह वर्मा ने विधानसभा चुनाव चला था और तीसरे नंबर पर रहे थे।