एटा। आगरा रोड स्थित ऑफीसर्स कॉलोनी में सीडीओ समेत कई अधिकारियों के आवास बने हुए हैं। मियाद काफी ज्यादा होने की वजह से आवास जर्जर हो चुके हैं। बृहस्पतिवार शाम को बीएसए का आवास भरभराकर गिर गया। इससे पहले परिवार को बाहर निकाल लिया गया था। वहीं मुख्य विकास अधिकारी के आवास में हॉल की छत से ईंटें गिर गईं।
बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि आवास में एक कमरे की दीवारों में पहले से दरारें थीं। यह बढ़ती जा रही थीं। इससे सभी लोग सजग थे। बृहस्पतिवार की शाम करीब 6:30 बजे ऑफिस से घर पहुंचे। इस दौरान दीवार से दरकने की आवाज सुनाई दी। खतरा भांपते हुए आवास से बच्ची और पत्नी को बाहर निकाला। बाहर निकलते ही कमरे की छत गिर पड़ी। कमरे के अंदर रखा बेड, अलमारी समेत गृहस्थी का अन्य सामान मलबे में दब गया। छत गिरते ही आसपास के अधिकारियों के परिवार बाहर आ गए। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम को आवास में बने हॉल की छत की ईंटें गिर गईं। इससे लोग बच गए। कोई हताहत नहीं हुआ है।
अन्य अधिकारियों के आवास भी हैं जर्जर
ऑफीसर्स कॉलोनी में बने आवासों में अपर जिला जज, जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक अभियोजन अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों के परिवार भी रहते हैं। बीएसए का आवास गिरने के बाद इन अधिकारियों के परिवार भी भयभीत हैं। दरअसल, यहां पर बने सभी आवास जर्जर हो चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग ने नहीं कराया आकलन
कई अधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग को जर्जर आवासों की मरम्मत के लिए पत्राचार किया था। महकमे ने आकलन नहीं किया। मरम्मत भी नहीं कराई गई। अधिकारियों का कहना है कि हर माह 3500 रुपये किराया देते हैं उसके बाद भी आवासों की मरम्मत नहीं हो रही है।
बीएसए का आवास गिर चुका है। इसकी सूचना नहीं है। यहां पर बने सभी आवासों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को दो बार पत्र भेज चुके हैं। आकलन कराकर जल्दी ही मरम्मत कराई जाएगी।
- डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी