एटा। सोने के भाव आसमान छू रहे हैं। ऐसे में बकरीद से पहले आर्टिफिशियल ज्वेलरी का बाजार चमक रहा है। महिलाएं बाजारों में इस तरह की ज्वेलरी खरीद रही हैं। बरेली के झुमके की मांग अधिक हो रही है।
साेने के भाव में तेजी के बाद से लोगों ने आर्टिफिशियल ज्वेलरी की ओर अपना रुख कर लिया है। इस समय सहालग भी है। बकरीद और सहालग की वजह से आर्टिफिशियल ज्वेलरी की खूब बिक्री हो रही है। ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानों पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी के अलग-अलग नाम लोगों को लुभा रहे हैं। दिल्ली की पाजेब के दाम 100 से 250, फिरोजाबाद के आर्टिफिशियल गोल्ड कड़े व कंगन 100 से 250, मुरादाबादी चेन 500 से 1000, बरेली के झुमके 250 से 700, बिछुआ 50 से 100 रुपये में उपलब्ध हैं।
महिलाएं कम बजट वाली ज्वेलरी खरीद रही हैं। दुकानदार अशोक कुमार ने बताया कि सोने के दामों में बढ़ोतरी के बाद से ही आर्टिफिशियल ज्वेलरी बाजारों में रौनक दोगुनी हो गई है। लाेग इनकी मांग कर रहे हैं। बकरीद के लिए सोने-चांदी की अपेक्षा लोग आर्टिफिशियल ज्वेलरी खरीद रहे हैं। इसकी सबसे अच्छी बात है कि रंग उतरने के बाद ये आधे दामों में वापस भी हो जाती है। रंग फीका पड़ने पर इन्हें शहर से बाहर भेजकर सोने का पानी चढ़ाया जाता है।