एटा। मेडिकल कॉलेज में रक्षाबंधन के दिन शनिवार को ओपीडी में भीड़ कम रही। बारिश होने की वजह से भी मरीज कम पहुंचे। 400 मरीजों ने उपचार लिया। दो मरीज मलेरिया पीड़ित निकले। इन्हें संचारी रोग वार्ड में भर्ती किया गया। दोपहर तक उपचार नहीं शुरू किया गया था।
मेडिकल कॉलेज में शनिवार को त्योहार के मद्देनजर दोपहर 12 बजे तक ओपीडी रही। सुबह 8 बजे से पर्चे बनाना शुरू किए गए। बारिश होने की वजह से करीब 400 मरीजों ने ही पर्चे बनवाए। मेडिसिन विभाग में सिर्फ 80 मरीजों ने ही उपचार लिया। गंभीर मरीजों की मलेरिया व डेंगू की जांच कराई गई। दो मरीज मलेरिया पीड़ित निकले। राजीव (35) निवासी जलालपुर सांथल ने बताया कि 4 दिन से बुखार आ रहा था। गांव में ही दवा ली, आराम नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में शनिवार को दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां पर चिकित्सकों ने जांच कराई। मलेरिया की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा सतेंद्र (55) निवासी कुरीना दौलतपुर ने बताया कि 5 दिन से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज में मलेरिया की जांच कराई गई। इसमें बीमारी की पुष्टि हुई है। संचारी रोग वार्ड में भर्ती कर लिया है। दोपहर 2 बजे तक दोनों मरीज में से किसी का भी उपचार शुरू नहीं किया गया। वहीं वार्ड में कोई पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद नहीं था। मरीज ठंड लगने से कांप रहे थे। कंबल ओढ़कर सोते मिले। वहीं सामान्य वार्ड में करीब 10 मरीज भर्ती मिले। सीएमएस डाॅ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि ऐसी शिकायत नहीं मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।
बच्चा वार्ड में 20 भर्ती
बच्चा वार्ड में शनिवार को कुल 20 बच्चे भर्ती थे। सभी बुखार, दस्त व पेट दर्द से पीड़ित थे। डॉ. निहारिका ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर करीब 10 बच्चों के परिजन ने डिस्चार्ज करा लिया। वहीं ओपीडी में 50 बीमार बच्चों को देखा गया।