एटा। दीवानी न्यायालय प्रांगण स्थित अधिवक्ता के चेंबर में सोमवार को जिले में प्रस्तावित रेल विस्तार के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर बैठक की। बैठक में अधिवक्ताओं सहित अन्य लोगों ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए साथ ही जमीन अधिग्रहण में किसानों के हितों की रक्षा पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि करीब 65 वर्ष बाद एटा में रेलवे का विस्तार बड़ी उपलब्धि है, लेकिन बजट के समुचित उपयोग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सतर्क रहना होगा। कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि लंबे समय से एटा से कासगंज होते हुए दिल्ली, जयपुर या लखनऊ तक रेल सेवा का सपना साकार होता दिख रहा है। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि अधिग्रहण वाली ग्रामसभाओं की सर्किल रेट सूची पुरानी रखी गई है जबकि आसपास के गांवों की दरें बढ़ाई गई हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की जमीन का मूल्यांकन बढ़ी हुई दरों के अनुसार होना चाहिए। पूर्व सांसद प्रत्याशी मोहम्मद इरफान ने कहा कि रेल विस्तार के साथ-साथ गंगा किनारे मजबूत बांध निर्माण की मांग लंबे समय से उठती रही है जिससे एटा व कासगंज क्षेत्र में बाढ़ की समस्या कम हो सके। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं, चिकित्सक व शिक्षित वर्ग को बजट उपयोग और मुआवजा नीति पर निगरानी रखनी चाहिए। गंगा सहाय लोधी, रामकुमार सक्सेना, मोहम्मद, संतोष गौतम, नैना शर्मा, देवेंद्र कुमार, सुनील गौतम मौजूद रहे।