अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में जलेसर थाना पुलिस ने बीती देर शाम संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक जेई सौरभ त्रिपाठी को जलेसर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस पर विद्युत कर्मचारियों ने कोतवाली नगर का घेराव किया। जेई को न छोड़े जाने पर जेल भरने का एलान कर दिया। इस पर जलेसर पुलिस ने आधी रात 12 बजे जेई को छोड़ा। उधर, इस कार्रवाई के लिए अधीक्षण अभियंता को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। उनके लिए जयचंद पुरस्कार घोषित किया।
शुक्रवार को जलेसर क्षेत्र के 84 गांव सहित जिले के 103 गांव की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। इस पर पुलिस ने शुक्रवार की देरशाम संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक को उनके आवास से गिरफ्तार किया। इस पर रात में विद्युत कर्मचारी कोतवाली नगर पर जा पहुंचे। हालांकि जेई की फोन लोकेश जलेसर में मिली। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि जेई को छोड़ा नहीं तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इस पर जलेसर पुलिस ने शुक्रवार की रात 12 बजे जेई को विद्युत कर्मचारियों के हवाले किया।
दस कर्मचारी उठा कराई चालू सप्लाई
विद्युत निगम कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा जलेसर क्षेत्र में सप्लाई चालू कराने के लिए दस निगम के कर्मचारियों को उठाया गया। उनसे आपूर्ति बहाल कराई। शुक्रवार की रात 11 बजे तक जलेसर क्षेत्र में आपूर्ति बहाल हो पाई।
गुल होती रही बिजली
रात करीब 9 बजे शिकोहाबाद रोड स्थिति फीडर की आपूर्ति बंद हो गई। इस पर शहर कोतवाल ने पुलिस कर्मियों को विद्युत उपकेंद्रों पर सप्लाई बहाल कराने के लिए भेजा। करीब एक घंटे में शिकोहाबाद रोड की आपूर्ति बहाल हुई। ठंडी सड़क फीडर पर भी यही स्थिति रही। सूत्रों की मानें तो रात में पुलिस लाइन की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। जेई वाला मामला शांत होने के बाद रात 2 बजे से आपूर्ति सुचारू हो सकी।
पूछताछ के लिए बुलाया गया था थाने
एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि जेई पर विद्युत कर्मियों को कार्य न करने के लिए भड़काने के आरोप की तहरीर जलेसर थाने में मिली थी। इसमें जेई का पक्ष जानने और पूछताछ के लिए उन्हें थाने पर बुलाया गया था। उसके बाद छोड़ दिया गया।