एटा। जिले में विद्युतीकरण के तहत कराए जा रहे कार्यों को लेकर नियमों को तोड़ा जा रहा है एक कार्यदायी संस्था ने विद्युत संस्थान मारहरा के फीडर मीरापुर पर रिवैंप योजना के अंतर्गत फीडर प्रथक्करण का कार्य किया जा रहा है। इसमें नहर की पटरी पर लगाए जा रहे खंभे सिंचाई विभाग से बिना अनुमति के लगाए जा रहे हैं। जिसे लेकर सिंचाई विभाग ने कार्य पर रोक लगा दी है।
अशोका बिल्डकॉन कंपनी द्वारा विद्युत संस्थान मारहरा से रिवैंप योजना के अंतर्गत फीडर सेग्रीगेशन का कार्य किया जा रहा। इसमें ठेकेदार द्वारा सिंचाई विभाग की बिना अनुमति के ही 200 से अधिक विद्युत खंभों को पटरी पर लगा दिया गया है, जो मानकों को तार-तार कर रहे हैं। जबकि सिंचाई विभाग से कंपनी को एनओसी लेना अनिवार्य है। मामले को लेकर हरकत में आए सिंचाई विभाग ने कार्य को रुकवा दिया है। वहीं कार्य कर रही कंपनी को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक ठेकेदार द्वारा कंपनी के इंजीनियर और जेई से मिलकर कार्य को कराया गया है। इस बारे में कंपनी प्रोजेक्ट मैनेजर मुजीब खां से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पटरी पर 60 के करीब खंभे लगे हैं। जिसे लेकर डीएम को अवगत करा दिया गया है। वहीं सिंचाई विभाग अलीगढ़ को पत्र भेजा गया है। जैसा आदेश आता है अमल किया जाएगा। किसान और सरकारी जमीन के बीच सामंजस्य बनाकर ही खंभे लगवाए जाएंगे। वहीं जेई ऋषि राम ने बताया कि कार्य शुरू होने से पहले ही पटरी छोड़कर सर्वे कराया गया था। पटरी पर लगाए गए खंभों की सूचना विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है
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कंपनी द्वारा कोई एनओसी नहीं ली गई है। विभाग से एनओसी लेनी आवश्यक थी। इसमें विभाग द्वारा खंभे लगाने का स्थान चिह्नित किया जाता। विभाग द्वारा नोटिस देकर कार्य पर रोक लगाई गई है। - राजेश सक्सेना, सहायक अभियंता सिचाई विभाग अलीगढ़