केजीबीवी में फर्जीवाड़े की शुरू हुई जांच प्रक्रिया उलझती जा रही है। उत्तर प्रदेश के अलग अलग विश्व विद्यालयों के अलावा कर्नाटक और राजस्थान राज्य के विश्वविद्यालयों से डिग्री लेकर आए लोग भी केजीबीवी में नौकरी कर रहे हैं। संबंधित विश्वविद्यालयों को मैनुअल सत्यापन के लिए दस्तावेज भेजे गए हैं। ऐसे में विभाग का मानना है कि सत्यापन में वक्त तो लग ही सकता है।
अनामिका प्रकरण के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग के कस्तूरबा विद्यालयों में फर्जीवाड़े की जांच तेजी से चल रही है। सभी कर्मचारियों के मूल दस्तावेज सत्यापित कराए जा रहे हैं।
जांच में पता चला है कि आगरा, रूहेलखंड, गोंडा विश्व विद्यालय के साथ ही कर्नाटक और राजस्थान राज्य के अलग अलग विश्वविद्यालयों के डिग्रीधारक भी जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में नौकरी कर रहे हैं। सभी की डिग्रिया संबंधित विश्व विद्यालयों में सत्यापन के लिए भेजी गई हैं।
यूपी बोर्ड को भी भेजे मैनुअल दस्तावेज
शिक्षा विभाग ने वैसे तो जिले में तैनात केजीबीवी के सभी कर्मचारियों के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच कर ली, लेकिन फर्जीवाड़ा खुलने के बाद हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के भी दस्तावेजों की मैनुअल जांच यूपी बोर्ड से कराई जा रही है।
राजस्थान, कर्नाटक के डिग्रीधारक भी जिले में मिले हैं। सभी की डिग्री सत्यापन के लिए संबंधित विश्व विद्यालय को भेजी गई है, जबकि हाईस्कूल के दस्तावेज सत्यापन के लिए यूपी बोर्ड भेजे हैं।- महेश कुमार, डीसी, बालिका शिक्षा।
फर्जीवाड़ा: दूसरे के नाम से नौकरी कर रहे शिक्षक पर दो दिन में होगी कार्रवाई
कानपुर में कार्यरत शिक्षक के अभिलेखों से मैनपुरी में नौकरी कर रहे शिक्षक पर दो दिन में कार्रवाई होगी। बीएसए ने जांच के बाद प्रस्ताव तैयार कर जिला समिति के पास भेजा है। जिला समिति की बैठक शनिवार या रविवार को आयोजित होगी।
विकास खंड किशनी के एक स्कूल में पिछले 15 साल से फर्जी पैनकार्ड और अभिलेखों से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक की जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को बीएसए ने प्रस्ताव जिला चयन समिति के पास भेज दिया। जिला चयन समिति को दो दिन के अंदर बैठक करके इस पर अपना निर्णय लेना है।
कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह के अभिलेखों से मैनपुरी के किशनी विकास खंड में धीरेंद्र सिंह के नाम से एक शिक्षक नौकरी कर रहा है। इसकी शिकायत हुई थी। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने उसी समय शिक्षक का वेतन रोक दिया था।
शिक्षक को अब तक तीन बार नोटिस भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। अब बीएसए ने उसके अभिलेखों की जांच पूरी कराकर कार्रवाई के लिए जिला चयन समिति को प्रस्ताव भेज दिया है। अगले दो दिन में शिक्षक पर कार्रवाई तय है। अभी तक की जांच में शिक्षक के अभिलेख फर्जी पाए गए हैं।
एक ही पैनकार्ड पर दो जगह नौकरी करने के मामले में जांच पूरी कर प्रस्ताव जिला समिति को भेज दिया गया है। जिलाधिकारी ने दो दिन में जिला चयन समिति को बैठक करके निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।-विजय प्रताप सिंह, बीएसए