कासगंज की तीर्थ नगरी सोरों को तमाम पौराणिक विरासत सहेजने का गौरव प्राप्त है। अब गंगा किनारे के गांव दतलाना में भगीरथ वन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए गिनीज बुक संस्था की ओर से भेजी गई गाईड लाइन के मुताबिक पौध रोपड़ किया जाएगा। यह पहला यूपी का वन बनेगा जहां एक साथ लाखों पौधे रोपित होंगे।
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जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी ताकत इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगा रहे है। भगीरथ वन में अलग-अलग वनस्पति के अनुसार पौध रोपित होगी। इस वन में वनस्पति विज्ञान के अध्ययनकर्ता अध्ययन कर सकेंगे।
एक धन्वंतरि उपवन भी इसमें विकसित होगा। इसमें 60 प्रकार के औषधीय पौधे रोपित होंगे। इनके माध्यम से किसानों को भविष्य में औषधीय पौध देकर उत्पादन बड़ाया जाएगा। इसका लाभ किसानों को मिलेगा।
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भागीरथ बन में पौधरोपण की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। गड्ढे खोदकर तैयार कर लिए गए हैं। पूरी भूमि को 35 खंडों में बांटा गया है। इसमें प्रत्येक खंड में 10 हजार पौधे रोपित होंगे।
यह पौधरोपण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की गाइड लाइन के अनुसार ही होगा। गिनीज बुक की टीम इस कार्य का पर्यवेक्षण करेगी। वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए जिले के और वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उत्साहित हैं। वन विभाग की नर्सरी में रोपित किए जाने वाले पौधे तैयार कर लिए गए हैं कुछ पौधे बाहर की नर्सरी में तैयार करवाए गए हैं।
गंगा वन से मिली कुछ बड़ा करने की प्रेरणा
जिले में पिछले वर्ष गंगा वन बनाया गया था। यहां एक साथ 1 लाख 11 हजार पौधे रोपित किए गए। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी वेन पटेल ने गंगा वन में पौध रोपित कर लोकार्पित किया। गंगा वन के पौधे फल फूल रहे है। इसी के बाद भागीरथी वन की योजना बनाई गई।
इन प्रजातियों के रोपित होंगे पौधे
आंवला, हरड़, बहेड़ा, सिरस, नीम, सहजन, मीठी नीम, बालमखीरा, अर्जुन, अशोक, गुड़हल, पीपल, बरगद, पिलखन, गूलर, इमली, अमरूद, आम, कठहल, जामुन, नींबू, बेल, अनार, शहतूत, महुआ, अमल ताश, कदम्ब, कचनार, मौलश्री, अकेशिया, देसी बबूल, बकेंन, सिरस सहित शोभकार प्रजातियां भी शामिल की है।
आंकड़े
- 3.51 लाख पौध होगी रोपित
- 316 हैक्टेयर में स्थापित होगा
- 3 नक्षत्र,नवग्रह एवं हरिशंकरी वाटिका बनेगी
- 1 पंचवटी होगी स्थापित
जिले में भागीरथ वन एक महावन का रूप होगा। यह यूपी का सबसे बड़ा महावन बनेगा। यहां एक साथ 3.51 लाख पौध रोपित कीये जाएंगे। साथ ही नियमित पौधों की देख रेख होगी। जैसे गंगा वन जिले का गौरव बना है ठीक उसी तरह भगीरथ वन भी बनेगा। - सीपी सिंह, डीएम, कासगंज।
भगीरथ वन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा। इसके लिए संस्था ने स्वीकृति देकर गाइडलाइन भेजी है। संस्था की टीम पर्यवेक्षण भी करेगी। पौधरोपण की तैयारी कर ली गई है। शासन से तिथि घोषित होते ही पौधरोपण होगा। - दिवाकर वशिष्ठ, डीएफओ।