शहर में बढ़ते ई-रिक्शा व इनके चलते लगने वाले जाम की समस्या को देखते हुए नगरपालिका प्रशासन ने इन पर लगाम लगाने के लिए लाइसेंस बनवाना अनिवार्य कर दिया है। ई-रिक्शा चालकों व मालिकों को 15 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में लाइसेंस नहीं बनवाते हैं तो पकड़े जाने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
शहर में 300-400 ई-रिक्शा धड़ल्ले से शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। बैटरी से चलने वाले इन ई-रिक्शाओें पर लाइसेंस की कोई वैधता व अन्य कोई कार्रवाई न होने से इन्हें चलाने वाले भी बेखौफ हैं। अभी तक यह रिक्शा सड़कों पर नजर आते थे, लेकिन अब यह गलियों में भी लोगों को छोड़ते व सामान ढोते दिखते हैं। सड़काें पर जहां मर्जी आती है वहीं इन्हें खड़े कर लेते हैं। इसके चलते सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अब ई-रिक्शा का लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी चालक या मालिक पर लाइसेंस नहीं मिला और वह इन्हें सड़कों पर दौड़ते मिले तो उन पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों व मालिकों से कहा है कि वे रिक्शा से संबंधित प्रपत्र लेकर पालिका स्थित कर अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर 15 दिन के अंदर लाइसेंस बनवा लें।