पुलिस उत्पीड़न के विरोध में बुधवार को ई-रिक्शा संचालक आंदोलन पर उतर आए। संचालकों ने ई-रिक्शा चामुंडा मंदिर परिसर में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक हसरत उल्ला खां शेरवानी ने निदान का भरोसा दिलाया।
संचालकों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर उनसे अवैध वसूली की जाती है। तीन रुपये की जगह 20 रुपये ठेकेदार वसूलता है। ई-रिक्शा संचालक जब विरोध करते हैं तो जीआरपी उनके खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई करती है। ई-रिक्शा संचालक बबलू का ई-रिक्शा बंद करके बुधवार को एक हजार का जुर्माना लगाया और पिटाई कर दी। इसको लेकर ई-रिक्शा संचालकों में आक्रोश पनप गया। उनका कहना है कि नगर के चौराहों और बाजारों में पुलिस मारपीट करती है और डंडे फटकारती है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा संचालक पुलिस का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व विधायक हसर उल्ला खां ने सुझाव दिया कि वह अपनी यूनियन का गठन करें और पदाधिकारियों का चुनाव करें। इसके बाद समस्याएं प्रतिनिधि बनाकर डीएम को बताएं। इस दौरान रवि कुमार, साजिद, मोहम्मद अनीश, उमेश कुमार, नरेंद्र, अकरम आदि मौजूद रहे।