शहर के सैनिक पड़ाव में रविवार को दोपहर बाद भी छाया रहा सन्नाटा। संवाद
एटा। इस बार पटाखा बाजार के लिए अफसरों की जमकर हीलाहवाली रही। पहले स्थान का चयन नहीं हो पाया। इसके बाद लाइसेंस जारी करने और दुकानें तैयार करने में देरी हुई। इसके चलते अंत समय रविवार शाम तक बाजार सजता रहा। पटाखे लेने पहुंचे लोगों को मायूसी हाथ लगी।
पिछले साल क्रिश्चियन इंटर कॉलेज और जीआईसी मैदान में पटाखा बाजार सजाया गया था। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस बार इन जगहों पर बाजार लगवाने से अधिकारी बचते रहे। इसके चलते देरी होती रही। जगह निश्चित नहीं होने के कारण आतिशबाजी बेचने के लिए दुकानों के लाइसेंस भी जारी नहीं हो सके। दो दिन पहले रामलीला मैदान की मंजूरी मिली। इसके बाद लाइसेंस प्रक्रिया शुरू हुई। रविवार तक जैसे-तैसे लाइसेंस बन सके। 100 लोगों ने लाइसेंस जारी कराए। इसके बाद नगर पालिका द्वारा दुकानें तैयार करने में हीलाहवाली होती रही।
वहीं कस्बों तक में पटाखा बाजार 17 और 18 अक्तूबर को सजकर तैयार हो चुके थे। ऐसे में जहां दुकानदारों को बिक्री का अधिक समय मिला। वहीं खरीदारों के लिए भी आपाधापी की स्थिति नहीं रही। जिला मुख्यालय पर हीलाहवाली के चलते दुकानदार से लेकर ग्राहक तक चिंतित रहे। व्यापारियों को चिंता थी कि अब आतिशबाजी बेचने के लिए केवल सोमवार का ही दिन मिलेगा। वहीं ग्राहक को एक दिन में भीड़ से जूझने और महंगी आतिशबाजी मिलने की चिंता रही।
दुकानदारों के इंतजार में बीता दिन
हर बार की तरह इस वर्ष भी नगर पालिका ने पटाखा बाजार का ठेका लिया। बाजार में दुकानें लगाने वाले दुकानदारों से लाइसेंस देखकर पांच हजार रुपये की सरकारी रसीद काटी गई। पालिका आरआई राकेश कुमार गौरव ने बताया कि पालिका ने सुबह ही पटाखा बाजार के लिए स्थान तैयार करा दिया था। लाइसेंस लेकर देरी से पहुंच रहे दुकानदार की वजह से दुाकनें सजाने में देरी हुई। दोपहर बाद तक नगर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी स्थल दुकानदारों के पहुंचने का इंतजार करते रहे। देर शाम 28 लाइसेंस मिले, जिन्होंने अपनी दुकानें लगानी शुरू की। दुकानदार अर्पित कुमार का कहना था कि अब दिवाली में महज एक दिन है, ऐसे में अगर सोमवार से बाजार पूरी तरह नहीं सजा तो उनका भारी नुकसान हो जाएगा।
खरीदार बोले पटाखा बाजार में देरी
पटाखा खरीदने आए अमन यादव ने का कहना है कि हर साल दीवाली से एक दिन पूर्व बाजार लगकर तैयार हो जाता है। जिससे हम पहले ही पटाखे खरीद लेते हैं। इस बार पटाखा बाजार नहीं लगा ऐसे में दिवाली के दिन शहर में जाम व बाजार में अधिक भीड़ रहेगी, जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।