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स्वर कोकिला के चले जाने से संगीत प्रेमियों के छलके आंसू

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एटा। स्वर कोकिला और संगीत की देवी कहलाने वाली लता मंगेशकर रविवार सुबह इस दुनिया को अलविदा कह गईं। हालांकि संगीत प्रेमियों के दिलों में उनकी आवाज हमेशा गूंजती रहेगी। उनके निधन की खबर से संगीतप्रेमियों को बड़ा धक्का लगा और उनकी आंखों से आंसू छलक उठे। संगीत शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र भी स्वर कोकिला के निधन की बात करते ही भावुक हो गए। देश-दुनिया के लिए इसे अपूर्णनीय क्षति बताया।
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संगीत प्रेमी बोले
लता का जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है, जिसको पूरा कर पाना असंभव है। वह सभी के लिए प्रेरणादायी रही हैं। संगीत जगत का अनमोल रत्न देश ने खो दिया है। -शशि भाटनागर, संगीत शिक्षिका एवं प्रधानाचार्य, राजकीय हाईस्कूल, रिजोर
ऐसा लगता है कि माता सरस्वती चली गईं हों। उनके जाने का मुझे ही नहीं हर संगीत प्रेमी को धक्का लगा है। वो संगीत प्रेमियों की प्रेरणा थीं उनकी आवास हमेशा गूंजती रहेगी। - शैल शशि राज सिंह, संगीत शिक्षिका एवं प्रधानाचार्य, राजकीय हाईस्कूल, अढ़ापुरा
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दीर्घ अवधि तक संघर्ष के बाद अपने भौतिक शरीर को त्याग कर लता जी के सूक्ष्म शरीर में विलीन होने से संपूर्ण भारतवर्ष को क्षति हुई है। इनका जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ा धक्का है। अशोक कुमार तिवारी, संगीत शिक्षक, जनता इंटर कॉलेज, कैल्ठा अलीगंज
बहुत सारे गीतों को अमर कर जाने वाली सुर साम्राज्ञी ने भारतीय संस्कृति को पूरे विश्व में पहुंचाया। उनके लिए संगीत जीविका नहीं बल्कि जीवन की साधना रही। उनके जाने से अपूर्णनीय क्षति हुई है। -आलोक कुमार, संगीत शिक्षक, जनता इंटर कॉलेज, परसोंन
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