एटा। राजनीति के चुनाव मैदान में दमखम के साथ उतरे युवा प्रत्याशियों के सपने टूट गए। कुल 32 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। लेकिन अनुभवी और वरिष्ठ प्रत्याशियों के सामने उन्हें मतदाताओं ने महत्व नहीं दिया। चारों विस सीटों पर केवल एक युवा प्रत्याशी के हाथ जीत लग सकी।
चारों विधानसभाओं में कुल 54 में से 32 प्रत्याशी 45 वर्ष तक की उम्र के रहे। इनमें से 10 प्रत्याशी तो 30 साल से भी कम उम्र के थे। सबसे कम उम्र के प्रत्याशी बसपा के आकाश सिंह (27) थे। 45 वर्ष तक के सबसे ज्यादा 11 युवाओं ने जलेसर विधानसभा सीट पर ताल ठोंकी। इनमें से चार प्रत्याशी 30 वर्ष से भी कम के हैं। एटा सदर में 6, अलीगंज में 7 और मारहरा में 8 प्रत्याशी युवा श्रेणी के रहे।
ये युवा प्रत्याशी पुराने दिग्गजों से दो-दो हाथ करने के लिए चुनावी रण में पूरे उत्साह के साथ उतरे। चुनाव भी खूब मन और मेहनत से लड़ा, लेकिन चुनाव के परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे। एटा, अलीगंज और मारहरा में युवा पीछे रह गए। जलेसर विस सीट पर सपा के रणजीत सुमन (45) विधायक चुने गए हैं। इससे पहले वह 2012 में भी विधायक बन चुके हैं।
इन राजनीतिक दलों ने दिए थे युवाओं को टिकट
आप ने सर्वाधिक तीन, बसपा और कांग्रेस ने दो-दो तथा भाजपा ने एक युवा को प्रत्याशी बनाया। जबकि सपा का कोई भी उम्मीदवार युवा श्रेणी में नहीं रहा। सदर विधानसभा सीट पर केवल कांग्रेस ने गुंजन मिश्रा (40) को टिकट दिया गया है। भाजपा, सपा, बसपा और आप के उम्मीदवार 50 वर्ष से अधिक के हैं। अलीगंज विस सीट पर बसपा ने सऊद अली उर्फ जुनैद मियां (30) और आप ने राहुल पाठक (40) को उम्मीदवार बनाया है। अन्य दलों के प्रत्याशी 56 वर्ष से ऊपर के हैं। मारहरा विधानसभा सीट की बात करें तो आप ने अर्जुन यादव (29) और कांग्रेस ने तारा राजपूत (40) को टिकट दिया है। वहीं जलेसर सीट पर अपवाद कही जा सकती है। केवल कांग्रेस को छोड़ अन्य सभी दलों के प्रत्याशी युवा श्रेणी में हैं।