एटा। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजाें को सीने में दर्द आदि होने पर ईसीजी कराने के लिए मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके लिए पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों को ईसीजी कराने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद मरीज की वह पीएचसी पर ही ईसीजी करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को शहर की दौड़ न लगानी पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य इकाइयों पर संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। पहले हेल्थ एटीएम लगवाए गए। इन एटीएम पर 50 से अधिक प्रकार की जांचें होती हैं। उन्हें मोबाइल पर रिपोर्ट का मैसेज मिलता है।
ईसीजी की जांच की सुविधा नहीं है, लेकिन आने वाले समय में मरीजों को पीएचसी पर यह सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए पीएचसी पर मशीनें लगवाई जाएंगी। वहीं, चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया पीएचसी पर ईसीजी मशीनें लगवाई जाएंगी। चिकित्सकों को पहले प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
जिले में 36 पीएचसी हैं संचालित
जिले में 36 पीएचसी संचालित हैं। इनमें अर्बन व ग्रामीण क्षेत्र की सभी पीएचसी शामिल हैं। इन पीएचसी पर प्रतिदिन 400 से 500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कुछ पीएचसी पर प्रसव की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।