सघन चेकिंग, छापामार अभियान के बाद भी शहर में विद्युत संयोजनों में लोड की अनदेखी जारी है। शहरी खंड के 90 प्रतिशत उपभोक्ता न्यूनतम दो किलोवाट लोड के साथ मनमानी बिजली खर्च कर रहे हैं। तीन और चार किलोवाट के मात्र 1301 उपभोक्ता हैं। तीन फेज का उपभोग करने वाले मात्र 719 हैं।
जांच टीम की नजर से बचने वाले यह लोग धड़ल्ले से न्यूनतम संयोजन पर एसी, कूलर, समर जैसे उपकरण धड़ल्ले से चला रहे हैं। बताते चलें कि अभी तक एक किलोवाट के संयोजन से काम चला रहे उपभोक्ताओं की मनमानी के बाद निगम ने शहरी खंड के लिए न्यूनतम संयोजन दो किलोवाट निर्धारित कर स्वत: ही बदल दिया। ऐसे में 23000 से अधिक उपभोक्ता दो किलोवाट संयोजन वाले हो गए हैं।
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समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। विगत दिनों हुई चेकिंग में 17 उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाकर अर्थदंड भी वसूला गया है। दर्जनभर के विरुद्ध चोरी की प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।
-जीसी भास्कर, एसडीओ प्रथम