एटा। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विनियमित क्षेत्र कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया और लंबे समय से लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान नक्शा स्वीकृति से संबंधित पत्रावलियों (फाइलों) का अवलोकन करते हुए डीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने व किसी भी प्रकार की लापरवाही या उत्पीड़न से बचने की हिदायत दी। कहा कि ऐसे भवन स्वामियों और भूखंड धारकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए जिनके भवन या भूखंड कंपाउंडिंग व नक्शा स्वीकृति की श्रेणी में आते हैं। उन्हें नियमों के अनुरूप नक्शा स्वीकृत कराने के लिए जागरूक किया जाए जिससे भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। विनियमित क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों और ले-आउट की स्थिति की भी समीक्षा की। कहा कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के विकसित किए जा रहे ले-आउट और कॉलोनियों के संचालकों को नियमानुसार स्वीकृति लेने के लिए प्रेरित किया जाए। अवैध रूप से भूखंडों की बिक्री कर लोगों को गुमराह करने वाले भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले में योजनाबद्ध शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।