एटा। एक परिवार, एक पहचान के तहत फैमिली आईडी बनाई जा रही हैं। इसमें जिला पिछड़ रहा है। इसको लेकर बीडीओ और एडीओ पंचायत की जिम्मेदारियां बढ़ा दी गई हैं।
फैमिली आईडी क्या है और कैसे बनाई जाएगी। इसकी जिला के तमाम लोगों को जानकारी तक नहीं है। इसके वजह प्रचार-प्रसार का अभाव रहा है। अब प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक और प्रेरित कर आईडी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। फैमिली आईडी बनने से प्रदेश सरकार की ओर से संचालित तमाम योजनाओं का लाभ लेने में आसानी तो होगी ही, साथ ही पारदर्शिता और सरलीकरण भी हो सकेगा। एक ही आईडी से पूरे परिवार का ब्योरा अधिकारियों के सामने होगा। ऐसे में तमाम दस्तावेजों को नहीं जुटाना होगा।
सीडीओ डाॅ. अवधेश कुमार बाजपेयी ने बताया कि खंड विकास अधिकारियों और एसडीएम को फैमिली आईडी के फायदे को लेकर प्रचार प्रसार कराने और नियमित समीक्षा करके लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य पूर्ण किया जा सके। इसको लेकर सख्ती बरती जा रही है, अगस्त माह में कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।