ग्राम पंचायतों के परसीमन के बाद अब जिले में जिला पंचायत क्षेत्र पंचायतों
का भी परसीमन हो गया है। अब जिले में जिला पंचायत के वार्डों की संख्या 26
से बढ़कर 30 हो गई है, वहीं क्षेत्र पंचायतों की संख्या भी 651 से बढ़कर
760 हो गई है। परसीमन के बाद इनकी सूचियों का प्रकाशन भी कर दिया है।
प्रकाशन के लिए जिला पंचायत कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय और
कलक्ट्रेट कार्यालय के सूचना पट पर सूचियां चस्पा कर दी गई हैं।
डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि तीन अप्रैल तक सूचियों को लेकर दावे
आपत्तियां क्षेत्र पंचायत कार्यालय, डीपीआरओ कार्यालय व जिलाधिकारी
कार्यालय में प्राप्त की जाएंगी। जिनका निस्तारण चार से 10 अप्रैल तक शासन
द्वारा जिला स्तर पर गठित समिति से कराया जाएगा। इसके बाद 11 से 17 अप्रैल
तक इनका अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। वार्डों का परसीमन वर्ष 2011 की जनगणना
के आधार पर किया गया है। इसमें 247816 परिवारों की संख्या पर एक वार्ड
बनाया गया है। इसके अलावा अब नए परसीमन में जिला पंचायत के कई वार्ड दो
विकास खंडों की क्षेत्र पंचायतों से भी मिलकर बनाए गए हैं। इसमें वार्ड
संख्या छह विकास खंड मारहरा, निधौलीकलां की क्षेत्र पंचायतों से मिलाकर
बनाया गया है। वार्ड संख्या 27 विकास खंड अलीगंज, जैथरा की क्षेत्र
पंचायतों से मिलाकर बनाया है। वहीं, वार्ड संख्या 30 विकास खंड शीतलपुर,
सकीट की क्षेत्र पंचायतों से मिलाकर बनाया गया है।
परसीमन का चुनाव की राजनीति पर असर
जिले
में पिछले पंचायती चुनाव में जिला पंचायत के वार्डों की संख्या 26 थी, जो
अब बढ़कर 30 हो गई है। ऐसे में जिले के सभी पुराने वार्डों में फेरबदल हुआ
है। वार्डों में जुड़े नए पुराने गांवों को देखते हुए जातिगत राजनीति के
समीकरणों में भी बदलाव होगा। जिला पंचायत के चुनावों की तैयारी कर रहे लोग
रणनीति बदलने पर मजबूर होंगे।