डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने हड़ताल के बाद कलक्ट्रेट पर धरना दिया। इंजीनियर शुक्रवार को भी अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने 15 फरवरी से लखनऊ में तीन दिवसीय धरने का भी एलान किया।
इंजीनियर गोविंद सिंह ने कहा कि शासन उनकी समस्यओं पर गंभीर नहीं है। लगातार मांग के बाद भी समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा। उनका ग्रेड वेतन काफी कम है। इसे 4800 रुपये किया जाने की मांग की जा रही है। उनकी जायज मांग को शासन नजर अंदाज कर रहा है। इससे मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उनका यह आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहेगा। इसके बाद 15 फरवरी से तीन दिवसीय धरना कार्यक्रम लखनऊ में निर्धारित किया गया है। यदि इसके बाद भी शासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो 18 फरवरी से प्रदेश व्यापी हड़ताल होगी। इंजीनियर एसबी चौरसिया ने कहा कि वे कार्य तो तकनीकी पद का कर रहे हैं, लेकिन वेतनमान कर्मचारी पद के समान है। सरकार उनके साथ नाइंसाफी कर रही है।
इस दौरान चंदन सिंह, नरसिंह पाल, विजय पाल सिंह, त्रिलोक चंद्र, जावेद, दिनेश सविता, भगवान सिंह, रजीनश, सुरेंद्र सिंह निगम, सत्येंद्र, प्रवीन कुमार, पीके पाल, महेश चंद्र, अशोक कुमार, हरिशचंद्र, एसराम, कैलाश कुमार,आरबी तिवारी आदि मौजूद रहे।