एटा। मेडिकल कॉलेज में सोमवार से खराब सबमर्सिबल पंप अब तक ठीक नहीं कराया गया है। इससे मरीजों की डायलिसिस पर संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को पानी न होने के चलते एक भी मरीज की डायलिसिस नहीं हो पाई। शाम के समय कर्मचारियों ने पानी के लिए सीएमओ कार्यालय के पास लगे सबमर्सिबल पंप से पाइप डाला। देर शाम तक यूनिट पर रखी पानी की टंकियों को भरने का काम किया गया।
डायलिसिस के लिए एक मरीज को 120 लीटर से ज्यादा पानी की जरूरत होती है। यहां तीन शिफ्टों में 30 मरीजों की डायलिसिस की जाती है। इस तरह यूनिट में प्रतिदिन तीन से चार हजार लीटर पानी की जरूरत होती है। सोमवार से कॉलेज में लगा सबमर्सिबल पंप खराब है। ऐसे में यूनिट को पानी नहीं मिल पा रहा है।
दो दिन के अवकाश के बाद शुक्रवार को यूनिट खुली, लेकिन पानी की समस्या बरकरार रही। इस पर पानी का एक टैंकर मंगाकर दस मरीजों की डायलिसिस कर दी गई। डायलिसिस के लिए पहुंचे अन्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार को भी स्थिति जस की तस रही। शाम तक पानी न होने से एक भी मरीज की डायलसिस नहीं हो पाई। इस दौरान यूनिट के कर्मचारियों द्वारा सीएमओ कार्यालय के पास पानी का पाइप लगाया गया। यहां पाइप यूनिट की टंकियों तक नहीं पहुंचा। इस पर कर्मचारियों ने बाल्टियों से पानी भरकर टंकी में डाला।
मेडिकल कॉलेज का सबमर्सिबल पंप खराब है। शनिवार को पाइप डालकर पानी को कर्मचारियों द्वारा बाल्टी से टंकियों में भरा जा रहा है। पानी भर जाए तो दस मरीजों की डायलिसिस करेंगे। वहीं रविवार को भी यूनिट मरीजों के लिए खोली जाएगी। - ऋषभ जैन, डायलिसिस यूनिट प्रभारी