जिले के दस प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श बनाया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इसके लिए पांच लाख रुपये दिए गए हैं। इस योजना में स्वच्छता पर खास ध्यान है। मसलन लंच करने से पहले बच्चे हाथ धोना सीखें। आदत यह भी डालें कि शौंच के बाद साबुन से हाथ धोएं। इस योजना में स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय की भी व्यवस्था की जाएगी। पेयजल की सुचारु व्यवस्था, बाल संवाद, मीना मंच का गठन किया जाएगा।
स्वच्छ विद्यालय एवं स्वच्छता मिशन के तहत बेसिक शिक्षा विभाग जिले के दस ऐसे विद्यालयों का चयन कर व्यवस्था में बदलाव करेगा, जहां 100 से अधिक छात्र एवं छात्राएं पंजीकृत हैं। योजना के तहत स्कूल में ऐसे वॉशबेसिन लगाए जाएंगे, जहां एक बार में कम से कम दस छात्र एक साथ हाथ धो सकें। हाथ कैसे धोएं यह तरीका भी बताया जाएगा। छात्र-छात्राआें के लिए अलग शौचालय बनाए जाएंगे। स्वच्छता संबंधी गतिविधियों और दीवाराें पर स्वच्छता के नारे भी लिखवाए जाएंगे। विद्यालय में महीने में एक बार साफ-सफाई करा कर बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्कूल परिसर का रखरखाव समेत सब कुछ प्रबंध समिति के सहयोग से किया जाएगा। स्कूल में हर रोज प्रार्थना के वक्त स्वच्छता पर चर्चा करके जागरूक किया जाएगा। योजना के तहत हर स्कूल में 12 हजार रुपये ओवरहैड, ग्रुप हैंड वाशिंग सिस्टम पर 13 हजार रुपये, साबुन और सफाई पर 4200 रुपये खर्च होंगे। बजट के उपयोग का प्रमाणत्र पत्र सर्व शिक्षा अभियान परियोजना को भेजा जाएगा।