एटा। भाजपा का सांगठनिक चुनाव निर्धारित कार्यक्रम से पूरी तरह भटक गया है। दिसंबर के अंत तक जिला अध्यक्षों का चुनाव होना था, लेकिन जिले में अब तक मंडल अध्यक्षों की भी घोषणा न हो सकी है। पार्टी से जुड़े लोगों में इसे लेकर बेचैनी बढ़ रही है।
जिले में 15 और 16 दिसंबर को मंडल अध्यक्ष पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया कराई गई। दोनों दिन में कुल 22 मंडलों पर 136 लोगों ने नामांकन कर अपनी दावेदारी पेश की। जिला मुख्यालय पर इनके नामांकन एकत्रित कर प्रदेश मुख्यालय भेज दिए गए। प्रदेश स्तर से इनकी समीक्षा और मूल्यांकन के बाद मंडल अध्यक्ष तय किए जाने हैं। उम्मीद जताई गई थी 22 से 25 दिसंबर के बीच इनको घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद जिलाध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दिसंबर के अंत तक यह चुनाव भी करा लिया जाएगा। लेकिन अब तक मंडल अध्यक्षों का ही परिणाम नहीं आया है।
पड़ोसी जिला कासगंज में मंडल अध्यक्षों की घोषणा ने कार्यकर्ताओं में असमंजस व बेचैनी और बढ़ा दी है। उधर, जिलाध्यक्ष चुनाव के लिए तैयारी में जुटे नेताओं का भी इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है। जिसके चलते वह भी बेचैन हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन ने बताया कि पूरे प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया चल रही है। चरण वार परिणामों की घोषणा की जा रही है। जल्द ही एटा के मंडल अध्यक्ष भी घोषित किए जाने की उम्मीद है।
कई दावेदार कतार में
जिलाध्यक्ष बनने की होड़ में कई वरिष्ठ भाजपाइयों के साथ ही युवा पदाधिकारी व सदस्य भी कतार में हैं। नामांकन से पहले उन्होंने संगठन के समक्ष अपनी दावेदारी पेश कर दी है। लगातार लखनऊ के चक्कर लग रहे हैं, ताकि उनकी दावेदारी मजबूत हो सके।