एटा। अलीगंज तहसील क्षेत्र के लेखपाल ने जन सेवा केंद्र पर सौदा किया और फिनटेक कंपनी के माध्यम से रिश्वत का भुगतान ले लिया। 11500 रुपये की यह रिश्वत एक जमीन की फौती (उत्तराधिकार नामांतरण) दर्ज करने के लिए ली गई। इसके बाद 10 हजार और मांगे गए। पैसा देने वाले व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। एसडीएम ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
मूल रूप से गाजियाबाद निवासी देव कुमार की ननिहाल जैथरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिराऊ में है। यहां से नाना पक्ष की जमीन इनके नाम पर फौती की जानी थी। इसके लिए वह संबंधित लेखपाल से मिले। देव कुमार ने बताया कि लेखपाल ने 2000 प्रति नंबर का रेट बताया। इस खाते में छह नंबर थे, इसके 12 हजार रुपये मांगे गए।
फोन कर उन्हें जैथरा में गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज के सामने स्थित एक जन सेवा केंद्र पर बुलाया गया। यहां देव कुमार ने गुप्त कैमरे से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। फौती के रेट पर मोलभाव भी हुआ। केंद्र संचालक के फिनटेक कंपनी पर भुगतान करने के लिए लेखपाल ने बोला। पहले देव ने 10 हजार रुपये डाले। इस पर लेखपाल ने साफ करा कर दिया।
बाद में देव ने काफी अनुरोध करे हुए डेढ़ हजार रुपये ऑनलाइन डाल दिए। देव कुमार ने बताया कि जमीन ननिहाल पक्ष की है जिसकी कीमत लाखों रुपये में है। इस पर लेखपाल का लालच बढ़ गया। उसने बाद में बताया कि इस काम के 10 हजार रुपये और लगेंगे।
10 हजार तो राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार के 2000 और दो
लेखपाल रिश्वत भी पूरी दबंगई और बेखौफ तरीके से वीडियो में मांगता नजर आ रहा है। साथ ही इसमें अधिकारियों का हिस्सा भी बता रहा है। जब देव कुमार ने 10 हजार के बाद बढ़ाकर 11 हजार देने की बात कही तो लेखपाल का सीधा कहना था कि 10 हजार तो राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार के हैं। 12 हजार में उसे केवल दो हजार ही मिलेंगे।
मामला संज्ञान में आया है, वीडियो प्राप्त हुआ है। तहसीलदार को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। -जगमोहन गुप्ता, एसडीएम अलीगंज