एटा। थाना जसरथपुर के गांव बिजलई में भागवत कथा के समापन के बाद बृहस्पतिवार को किशोरियां व बालिकाएं कलश विसर्जित करने काली नदी में गई थीं। दो किशोरियां डूब गईं। शनिवार को घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर किशोरियों के शव अलग-अलग जगह मिले।
गांव बिजलई में भागवत कथा के समापन के बाद लोग भारी संख्या में बृहस्पतिवार को कलश विसर्जन करने गांव से लगभग 500 मीटर दूर काली नदी में गए थे। कलश विसर्जन के बाद बालिकाएं व किशोरियां नदी में नहा रहीं थी। उसी समय 5 किशोरियां डूबने लगीं। वहां मौजूद गांव के ईशू ने जान की बाजी लगाते हुए तीन को तो बचा लिया। मगर दो किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। दो दिन से तलाशी की जा रही थी, लेकिन किशोरियां का पता नहीं लगा।शनिवार सुबह फिर तलाशी शुरू की गई तो सुबह करीब 10 बजे गांव लालपुरी के पुल के पास नदी के किनारे कम पानी में एक पेड़ में सरोज उर्फ सरोजिनी का शव फंसा मिला। जानकारी होते ही सरोज के घर में चीख-पुकार मच गई। वहीं, शाम के समय पास में ही हन्नूखेड़ा के सामने नदी में चांदनी का शव मिला। पुलिस ने दोनों शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम कराया। घटना स्थल पर विधायक सत्यपाल सिंह, पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर ने बताया कि किशोरियों के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया गया है।