डीएपी खरीदने के लिए लगी किसानों की भीड़ ।संवाद
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एटा। इन दिनों मटर, सरसों, आलू के साथ ही गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी की जरूरत है, लेकिन कम उपलब्धता के चलते मारामारी मची हुई है। कुछ लोगों न विधायक सदर विपिन वर्मा डेविड को बताया कि यहां आवंटित रैक लखनऊ से अन्य जिलों को दी जा रही हैं। एटा का हक काटे जाने पर विधायक बिफर गए। कृषि विभाग के स्थानीय अफसरों को चेेतावनी देते हुए शासन में शिकायत दर्ज कराई है।
खाद्य कारोबारी और कुछ सोसायटी सचिवों ने इस तरह की सूचना विधायक सदर विपिन वर्मा डेविड को दी। बताया कि लखनऊ से समान रूप से डीएपी की रैक आवंटित की जाती हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी सांठ-गांठ कर एटा में कम मांग दर्शाकर डीएपी को आगरा व अन्य जिलों में भिजवा देते हैं। इन जिलों में इतनी मांग भी नहीं है। वहां से बची हुई डीएपी को राजस्व सहित अन्य प्रदेशों में भेजा जा रहा है। यह सुन विधायक ने जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह को फोन कर स्पष्ट कहा कि एटा में डीएपी की बहुत जरूरत और अभाव है। यहां की डीएपी कहीं अन्य जगह नहीं जानी चाहिए। शासन से और ज्यादा खाद आवंटित कराने की कोशिश करें। इसके बाद लखनऊ में कृषि विभाग के आला अधिकारियों को फोन पर शिकायत कर आपत्ति दर्ज कराई है।
अभी तक मिली एक तिहाई डीएपी
कृषि विभाग के मुताबिक जिले को इस बार 33 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन अभी तक एक तिहाई यानी करीब 11300 मीट्रिक टन खाद मिली है। इसका पूरा वितरण होने का दावा किया जा रहा है।