एटा। जिले के वरिष्ठ कोषाधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में शासन ने जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कोषाधिकारी पर लगे आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर सीएम ने भी संज्ञान लिया है। साथ ही वृद्ध पेंशनरों से वसूली करने का भी आरोप लगाया गया है।
दरअसल, अखिल भारतीय भ्रष्टाचार एवं अपराध नियंत्रण समिति ने जिले में कार्यरत वरिष्ठ कोषाधिकारी गजेंद्र सिंह के खिलाफ सीएम से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि जिले में तैनात कोषाधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। साथ ही सरकारी धन की खुली लूट की जा रही है। वृद्ध पेंशनरों का आर्थिक शोषण किया जाता है। साथ ही जांच कमेटियों रहते हुए करोड़ों रुपये रिश्वत लेने आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि कोषाधिकारी ने आय से अधिक संपत्ति परिवार और पत्नी के नाम एकत्रित कर रखी है। लखनऊ, दिल्ली, नोएडा में कोठियां और प्लाट हैं। आरोप है कि कोषाधिकारी ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों की नियुक्तियां संविदा पर कराई हैं। सरकारी वाहन का निजी हित में दुरुपयोग किया जाता है और फर्जी लॉगबुक भरी जाती है। शिकायतकर्ता ने कोषाधिकारी के खिलाफ एसआईटी, सीबीआई ने जांच कराने की मांग की थी। मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेने पर शासन के विशेष सचिव प्रकाश बिंदु ने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 15 दिन में जांच आख्या देने के लिए कहा है।
मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। मेेरे संज्ञान में ऐसा कुछ नहीं है।
गजेंद्र सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी एटा