एटा। विकासखंड शीतलपुर के गांव मरथरा भगवानदास के एक तालाब में मगरमच्छ तैरते हुए देखे गए। ग्रामीणों में भय होने के बाद वहां पर वन विभाग की टीम ने सर्वे किया। आगरा और लखनऊ से एनजीओ की टीम को मगरमच्छ का रेस्क्यू करने के लिए बुलाया गया है। 48 घंटे बीतने के बाद भी टीम ने अभी तक मगरमच्छ का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं कर पाया है। इसके लिए तालाब का पानी निकाला जा रहा है।
गांव मरथरा भगवानदास में आगरा और लखनऊ की टीम शनिवार को पहुंच गई थी। यहां पर ग्रामीणों की मदद से तालाब में भरे हुए पानी को निकाला जा रहा है। दो ट्रॉली के माध्यम से तालाब का पानी निकाला जा रहा है। रविवार को शाम तक तालाब का पानी नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को भी तालाब में दो मगरमच्छ दिखाई दिए हैं।
वन विभाग के रेंजर केके जैन ने बताया कि तालाब का पानी निकालने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा। यहां पर कई सारी समस्याएं आ रही हैं। तालाब के चारों ओर पतेल व झाड़ियां खड़ी हुई हैं जिससे तालाब तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ का रेस्क्यू होने के बाद टीम द्वारा इन्हें बाह की चंबल नदी में छोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों का दिनभर लगा रहा जमावड़ा
तालाब के आसपास रविवार को भी ग्रामीणों का जमावड़ा रहा। मगरमच्छ और इसके रेस्क्यू की कार्रवाई को देखने के लिए लोग यहां पर एकत्रित होते रहे। छोटे-छोटे बच्चे भी मगरमच्छ देखने के लिए उत्सुक रहे।