गांव नगला भजुआ में लूट के मामले में वांछित को पकड़ने गई स्वाट टीम पर आरोपियों के घरवालों ने हमला बोल दिया। टीम पर लाठी-डंडे तथा पथराव करते हुए वांछित को छुड़ा ले गए। पथराव होता देख स्वाट टीम को पीछे हटना पड़ा।
सूचना पाकर मौके पर तीन थानों की फोर्स ने दो महिला सहित तीन लोगों को पकड़ा। मामले में नौ आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थाना रिजोर के गांव नगला भजुआ निवासी सोबित उर्फ मोनू पंडित पुत्र दयादेव पर थाना बागवाला, मिरहची में लूट के मामले दर्ज हैं।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम प्रभारी इंद्रेशपाल टीम के साथ गांव पहुंचे। वांछित मोनू पंडित को पकड़कर ले जाने लगे। इतने ही देर में आरोपी के घरवाले आ धमके।
महिलाओं ने टीम पर लाठी-डंडो से हमला बोल दिया, वही अन्य लोगों ने पथराव किया। पथराव होता देख टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। वही घरवाले मोनू पंडित को भगा ले जाने में सफल रहे।
इस दौरान स्वाट टीम प्रभारी इंद्रेशपाल तथा सिपाही कृष्णअवतार दुबे घायल हो गए। मामले की सूचना पुलिस को मिली तो सीओ सकीट प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष रिजोर, सकीट, नगर पुलिस को साथ लेकर गांव पहुंच गए।
इस दौरान पुलिस ने मौके से तीन आरोपी नारायण सिंह, शोभा, अंजली को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी मोनू पंडित के भाई, भाभी है। मामले की रिपोर्ट थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने आरोपी मोनू पंडित के अलावा इसके पिता दयादेव, नारायण सिंह, शोभा, अंजली, विजय, विनय, रश्मि सहित नौ के विरुद्ध दर्ज की है।
तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। बागवाला, मिरहची में हुई लूट में वांछित आरोपी मोनू पंडित को पकड़ने थाना रिजोर पुलिस, स्वाट टीम गांव नगला भजुआ पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया था। तभी अचानक पीछे से लोगों ने हमला कर आरोपी को छुड़ा ले गए। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज, एसएसपी एटा।
स्वाट टीम बिना थाना रिजोर पुलिस को सूचना दिए गांव पहुंच गई। घटना होने के बाद संबंधित थाना को सूचना मिली। ऐसे में बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी। वही स्वाट टीम साधा ड्रेस में थी।